tharmal power station

थर्मल पावर प्लांट :


         हेल्लो दोस्तों आज हम जानेंगे थर्मल पावर स्टेशन के बारे में ये आधारित होता हे बाष्प पर ,यानि की पानी को गर्म किया जाता हे उसके लिए कोयला ,डीज़ल ,जैसे ईंधन की जरुरत पड़ती हे और पानी की जरुरत पड़ती हे ये प्लांट वहां स्थापित किया जाता हे जहा पर पानी और ईंधन की पूर्ति आसानी से हो सके इस प्लांट में एक जगह पर ईंधन को जलाया जाता हे जिससे गर्मी पैदा होती हे फिर वहां से  पानी को गुजारा जाता हे तब गर्मी से पानी भाप बन जाती हे। भाप को बॉईलर में भेज जाता हे। अब बॉईलर से उस भाप को प्रेशर के रूप में एक टर्बाइन की ब्लेड  पर छोड़ा जाता हे। जिससे टर्बाइन गुमता हे 
            उस टर्बाइन से जनरेटर को जोड़ा हुआ होता हे जब टर्बाइन गुमता हे तब जनरेटर भी गुमता  हे जिससे जनरेटर में इलेक्ट्रिसिटी पैदा होती हे जो ११ kv होती हे अब उस ११ kv को स्टेप उप ट्रांसफार्मर द्वारा उच्च वोल्टेज में रूपांतर किया जाता हे और फिर सबस्टेशनों में भेज दिया जाता हे जहा से फिर हमारे घर तक सप्लाई पहोंचाइ  जाती हे। 

भारत के प्रमुख पावर प्लांट

  1. विध्यांचल थर्मल पावर स्टेशन  4760 mv (मध्य प्रदेश )
  2. मुन्द्रा थर्मल पावर स्टेशन 4620 mv         (गुजरात )
  3. मुन्द्रा अल्ट्रा मेगा पावर प्लांट 4000 mv ( गुजरात )
  4. तालचर सुपर थर्मल पावर स्टेशन 3000 mv (ओडिसा )
  5. सीपत  थर्मल पावर प्लांट 2980 mv (छत्तीसगढ़ )
  6. NTPC दादरी 2637 mv (उत्तर प्रदेश )
  7. NTPC रामागुंडम 2600 mv (आंध्र प्रदेश )
  8. कोबरा सुपर थर्मल पावर प्लांट 2600 mv (छत्तीसगढ़ )
  9. रिहंद थर्मल पावर स्टेशन 2500 mv (उत्तर प्रदेश )
  10. झारसुगुड़ा थर्मल पावर प्लांट 2400 mv (ओडिसा )
(यहाँ पर mv का मतलब mega volt हे। )


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